बाहर एक पुरानी लकड़ी
उसमे रहती मोटी मकड़ी ,
इक दिन बेला माँ से रूठी
जाकर उस लकड़ी पर बैठी ,
लकड़ी में से मकड़ी निकली
बेला डर से ऐसे उछली ।
उसमे रहती मोटी मकड़ी ,
इक दिन बेला माँ से रूठी
जाकर उस लकड़ी पर बैठी ,
लकड़ी में से मकड़ी निकली
बेला डर से ऐसे उछली ।
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